गोवर्धन पूजा सामग्री लिस्ट 2026: अन्नकूट से लेकर परिक्रमा तक
गोवर्धन पूजा 10 नवंबर 2026 की पूरी सामग्री: गोबर का पर्वत, कलश, दीये, अन्नकूट के 56 भोग, कटोरियाँ, और पूजा का क्रम।
गोवर्धन पूजा 2026 मंगलवार, 10 नवंबर को है, दिवाली के ठीक बाद। इस दिन घर में गोबर का छोटा पर्वत बनाकर उसकी पूजा होती है, फिर अन्नकूट यानी छप्पन भोग का प्रसाद चढ़ता है। नीचे पूरी सामग्री चार हिस्सों में है: पर्वत, पूजा, अन्नकूट और बर्तन। आखिर में वे पीतल की चीज़ें हैं जो हर साल काम आती हैं।
ब्रज में यह दिन गिरिराज जी का माना जाता है। कथा है कि कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत उठाकर ग्वाल-बालों और गायों को इंद्र की वर्षा से बचाया था। उसी की याद में घर-घर छोटा पर्वत बनता है और अन्न का भोग चढ़ता है।
गोवर्धन बनाने के लिए
- गाय का गोबर, पर्वत के लिए
- खील, बताशे और रुई, पर्वत को सजाने के लिए
- फूल और दूब
- दीये, पर्वत के चारों ओर रखने के लिए
- गन्ना, पर्वत के पास खड़ा करने के लिए
पूजा के लिए
पूजा की चौकी पर कृष्ण या लड्डू गोपाल की मूर्ति रखें। उसके सामने कलश, रोली-चावल से तिलक और धूप-दीप का क्रम रहता है। ज़रूरी चीज़ें ये हैं:
- कलश, आम के पत्ते और नारियल
- रोली, चावल, हल्दी, चंदन और मौली
- धूप, अगरबत्ती और कपूर
- पंचामृत: दूध, दही, घी, शहद और चीनी
- थाली, घंटी, शंख और लोटा
अन्नकूट का भोग
अन्नकूट का अर्थ है अन्न का ढेर। घर में जो बने, उसे एक साथ भगवान के सामने रखा जाता है। छप्पन भोग पूरा हो तो बहुत अच्छा, पर कढ़ी-चावल, मिली-जुली सब्ज़ी, पूरी और एक मिठाई से भी अन्नकूट पूरा होता है।
- कढ़ी-चावल या बाजरे की खिचड़ी
- मिली-जुली सब्ज़ी
- पूरी, हलवा, खीर और लड्डू
- तुलसी के पत्ते
छप्पन भोग के लिए 20 से 30 कटोरियाँ और 4 से 6 थालियाँ चाहिए। पीतल की 3 से 4 इंच की कटोरियाँ इसके लिए सुविधाजनक हैं, क्योंकि हर भोग अलग रखा जा सकता है और बर्तन सालों चलते हैं।
पूजा का क्रम
- सुबह गोबर का पर्वत बनाएँ और उसे फूल व दूब से सजाएँ।
- चौकी पर कृष्ण या लड्डू गोपाल को रखें, कलश स्थापित करें और रोली-चावल से तिलक करें।
- पर्वत के चारों ओर दीये लगाकर जलाएँ, धूप और अगरबत्ती दिखाएँ।
- पंचामृत से अभिषेक करें, फिर अन्नकूट का भोग लगाएँ।
- पर्वत की सात बार परिक्रमा करें, लोटे से जल की धार छोड़ते हुए।
पीतल की चीज़ें जो हर साल काम आती हैं
गोवर्धन पूजा में जो बर्तन सबसे ज़्यादा लगते हैं, वही अगले साल फिर काम आते हैं: भोग की कटोरियाँ, छोटी थालियाँ, पूजा का लोटा और घंटी। थाली की श्रेणी में 89 पीस हैं, जो ₹75 से शुरू होते हैं। कटोरियों की श्रेणी में 162 पीस हैं। पूरे सेट के लिए पूजा थाली सेट देखें, और मूर्ति के लिए बाँसुरी वाले कृष्ण। हर पीस पर उसका वज़न और नाप लिखा है।






