दिवाली पूजा सामग्री लिस्ट: लक्ष्मी गणेश पूजा के लिए पूरी सूची
घर पर लक्ष्मी गणेश पूजा के लिए दिवाली पूजा सामग्री की पूरी लिस्ट: मूर्ति, कलश, दीये, थाली और उसमें क्या-क्या रखें।
दिवाली की पूजा अमावस्या की शाम को होती है, इस साल रविवार, 8 नवंबर 2026 को। नीचे वह पूरी सूची है जो एक आम उत्तर भारतीय घर में लक्ष्मी गणेश पूजा के लिए रखी जाती है। इसमें से ज़्यादातर सामान घर में पहले से होता है, बाकी दिवाली से एक हफ्ते पहले किसी भी पूजा की दुकान पर मिल जाता है। पीतल का सामान पहले मंगवा लें, ताकि समय पर पहुँच जाए।
मूर्तियाँ
- लक्ष्मी और गणेश जी की मूर्ति। कई घरों में हर साल मिट्टी की नई मूर्ति लाकर बाद में विसर्जित की जाती है। पीतल की जोड़ी स्थायी होती है: हर दिवाली उसे नहलाकर, नए वस्त्र पहनाकर पूजा होती है और बाकी साल वह मंदिर में रहती है। गणेश जी को लक्ष्मी जी के बाईं ओर रखें (आपके सामने से देखने पर)।
- कुबेर जी (वैकल्पिक), लक्ष्मी जी के दाईं ओर, या उनकी जगह कुबेर दीपक।
- लाल या पीले कपड़े से ढकी चौकी या बाजोट।
कलश
- पीतल या तांबे का कलश, जल से भरा, जिसमें कुछ चावल के दाने, एक सिक्का, सुपारी और फूल डालें।
- मुँह पर पाँच आम के पत्ते और ऊपर लाल कपड़े में लिपटा नारियल।
- कलश रखने के लिए चावल की ढेरी और उस पर रोली से बना स्वस्तिक।
दीये
- एक अखंड दीया, पीतल का, गहरी कटोरी वाला, जो पूजा से पहले जलाकर रात भर जलता रहे। घी पारंपरिक है।
- मूर्तियों के सामने एक कुबेर दीपक या चार बत्ती वाला दीया।
- घर के लिए मिट्टी या पीतल के दीये, विषम संख्या में: आमतौर पर 13, बड़े घरों में 21 या 51। एक मुख्य द्वार पर, एक-एक रसोई, पानी की जगह, बालकनी और तुलसी पर, बाकी खिड़कियों और रेलिंग पर।
- रुई की बत्ती, बाहर के दीयों के लिए सरसों का तेल, मंदिर के लिए घी या सूरजमुखी का तेल।
पूजा की थाली
8 से 12 इंच की पीतल की थाली, और छोटी कटोरियों में यह सब:
- तिलक के लिए रोली (कुमकुम) और चावल (अक्षत)
- हल्दी, चंदन का लेप, और कुछ साबुत हल्दी की गाँठें
- फूल: गेंदे की माला, कमल मिले तो, गुलाब की पंखुड़ियाँ
- भोग के लिए मिठाई और मेवे, लक्ष्मी जी के लिए खील-बताशे
- पान के पत्ते, सुपारी, लौंग और इलायची
- धूप, अगरबत्ती और आरती के लिए कपूर
- छोटी घंटी और शंख, अगर घर में चलन हो
- मूर्ति स्नान के लिए पंचामृत: दूध, दही, घी, शहद और शक्कर
- नया वस्त्र या मौली (कलावा), और लक्ष्मी जी के सामने रखने के लिए कुछ सिक्के और नोट
- छोटे लोटे में गंगाजल और आचमनी
जो चीज़ें अक्सर भूल जाते हैं
- पूजा के जल के लिए दूसरा लोटा, ताकि कलश को हिलाना न पड़े।
- आरती के दीये के लिए अलग प्लेट, ताकि तेल थाली के कपड़े पर न गिरे।
- बाहर के दीयों के लिए माचिस और लंबा लाइटर।
- खुली खिड़की हो तो रात में मूर्तियों को ढकने के लिए कपड़ा।
- दुकान या दफ्तर के लिए: चोपड़ा पूजन के लिए बही-खाता और कलम।
पीतल का सामान जो एक बार खरीदा जाता है
चार चीज़ें हर दिवाली निकलती हैं और इन्हें ठोस पीतल में लेना ही सही है: लक्ष्मी गणेश की जोड़ी, कलश, अखंड दीया और थाली। चमक नहीं, वज़न देखकर खरीदें। पतली चादर वाला सामान फोटो में ढलाई जैसा ही दिखता है, पर वह पिचकता है, डगमगाता है और थपथपाने पर भारी आवाज़ नहीं देता। इसी वजह से वेदिकक्राफ्ट पर हर सामान का वज़न ग्राम में लिखा होता है।
चेकलिस्ट
| समूह | सामान |
|---|---|
| मूर्ति | लक्ष्मी, गणेश, कुबेर (वैकल्पिक), चौकी, लाल कपड़ा |
| कलश | कलश, आम के पत्ते, नारियल, चावल, सिक्का, सुपारी |
| दीप | अखंड दीया, कुबेर दीपक, 13 से 51 दीये, बत्ती, तेल, घी, कपूर |
| थाली | रोली, चावल, हल्दी, चंदन, फूल, मिठाई, खील-बताशे, पान-सुपारी, धूप-अगरबत्ती, घंटी, पंचामृत, मौली, सिक्के |
| जल | गंगाजल, लोटा, आचमनी, दूसरा लोटा |





