धनतेरस पर क्या खरीदें: पीतल, तांबा, बर्तन और मूर्ति
धनतेरस पर सोने के अलावा क्या खरीदें: पीतल और तांबे के बर्तन, कलश, लक्ष्मी और कुबेर की मूर्ति, दीया, और क्या नहीं खरीदना चाहिए।
धनतेरस, शुक्रवार, 6 नवंबर 2026, घर में कोई नई धातु की चीज़ लाने का दिन है। बजट हो तो सोना-चांदी। बाकी सबके लिए परंपरा हमेशा पीतल और तांबे की रही है: लोटा, थाली, कलश, दीपक, दुकान के काउंटर के लिए लक्ष्मी जी की मूर्ति। इस गाइड में है क्या खरीदें, हर चीज़ किस काम की है, और रिवाज के अनुसार क्या न खरीदें।
धनतेरस पर धातु क्यों
धनतेरस भगवान धन्वंतरि के अमृत कलश के साथ प्रकट होने का दिन है, और यह दिन कुबेर और लक्ष्मी से जुड़ा है। इस दिन बर्तन खरीदना आने वाले साल में भरे हुए पात्र का प्रतीक है। बर्तन हमेशा घर का बर्तन होता था; ज़्यादातर परिवारों में पुरानी हिदायत यही है, “कोई बर्तन ले आओ”, और वह बर्तन पीतल या तांबे का होता था क्योंकि यही रसोई की धातुएँ थीं।
क्या खरीदें, काम के हिसाब से
| खरीदें | किस काम के लिए | क्या लें |
|---|---|---|
| कलश या लोटा | दो दिन बाद दिवाली की लक्ष्मी पूजा, फिर रोज़ की पूजा | ढक्कन वाला पीतल का कलश, या 400 से 800 मिली का तांबे का लोटा |
| थाली | दिवाली की आरती, फिर रोज़ की पूजा या खाने के लिए | 8 से 12 इंच की पीतल की थाली, नक्काशी वाली पर खरोंच कम दिखती है |
| लक्ष्मी या लक्ष्मी गणेश की मूर्ति | दिवाली पूजा, फिर मंदिर या दुकान का काउंटर | पीतल, 3 से 6 इंच, वज़न 300 ग्राम से ऊपर |
| कुबेर दीपक | धनतेरस की रात जलाकर दिवाली तक | गहरी कटोरी, 100 मिली या ज़्यादा, रात भर जलने के लिए |
| दीये | धनतेरस, दिवाली, और हर पूजा | दरवाज़े के लिए पीतल की जोड़ी, खिड़कियों के लिए मिट्टी के |
| गिलास या जग | रसोई | पीतल या तांबे का 4 या 6 का सेट |
| कढ़ाई या हांडी | रसोई | कलई वाली पीतल की, 1.5 से 3 लीटर |
| सिक्के | लक्ष्मी जी के सामने रखने के लिए | चांदी हो सके तो; पीतल का लक्ष्मी सिक्का आम विकल्प है |
दुकान या दफ्तर के लिए
व्यापारी परिवार काउंटर के लिए खरीदते हैं: एक ही आधार पर लक्ष्मी गणेश की जोड़ी, कुबेर जी की मूर्ति, दरवाज़े के लिए पीतल की घंटी, और नए बही-खाते। पीतल की नेमप्लेट या गल्ले के लिए छोटे गणेश जी मुरादाबाद में ही धनतेरस की आम खरीद है।
धनतेरस पर उपहार
अगर अपने लिए नहीं, किसी को देने के लिए खरीद रहे हैं, तो काम आने वाली चीज़ें दें: गिलास का सेट, थाली, ढक्कन वाला लोटा, डिब्बे में दीयों की जोड़ी। नए घर या नए काम-धंधे के लिए लक्ष्मी जी की मूर्ति दी जाती है। मिठाई उपहार के साथ जाती है, उपहार की जगह नहीं।
रिवाज के अनुसार क्या न खरीदें
- लोहा और स्टील मुख्य खरीद के रूप में। बहुत से परिवार धनतेरस पर लोहा नहीं खरीदते; स्टेनलेस स्टील को कुछ लोग चलने देते हैं, कुछ नहीं। पीतल और तांबा सबके लिए सुरक्षित हैं।
- काली चीज़ें और नुकीली चीज़ें जैसे चाकू-कैंची।
- खाली बर्तन घर में लाना। नया लोटा दहलीज़ पार करने से पहले उसमें चावल, पानी या सिक्का डाल लें।
- प्लास्टिक को धनतेरस का बर्तन बनाना। वह धातु नहीं है, और धातु ही इस दिन का मतलब है।
समय
धनतेरस की खरीद का मुहूर्त पूरे दिन रहता है; पूजा और यम दीपक प्रदोष काल में, शाम लगभग 5:30 से 7:30 के बीच। खरीदारी दिन में पहले कर लें। ऑनलाइन मंगवा रहे हैं तो महानगरों के लिए 3 नवंबर तक और बाकी भारत के लिए 1 नवंबर तक ऑर्डर करें, ताकि पार्सल 6 तारीख से पहले घर पहुँच जाए।






