Skip to content

Shipping worldwide from India's craft hubs · Tracked delivery

Wholesale
Buying guides

पीतल का रेट क्या है? तैयार पीतल का भाव प्रति किलो

कच्चे पीतल का भाव रोज़ बदलता है। हमारे तैयार पीतल के सामान का भाव ₹2,620 से ₹3,560 प्रति किलो है, बीच का भाव ₹3,000। वज़न से दाम परखना सीखें।

अपडेट 14 October 2026 · 1 मिनट · वेदिकक्राफ्ट, मुरादाबाद Read in English

कच्चे या स्क्रैप पीतल का भाव मंडी में रोज़ बदलता है, इसलिए यह पन्ना आज का रेट नहीं छापता। यहाँ वह आँकड़ा है जो खरीदार के काम आता है: वेदिकक्राफ्ट पर तैयार पीतल का सामान ज़्यादातर ₹2,620 से ₹3,560 प्रति किलो के बीच पड़ता है, और बीच का भाव ₹3,000 प्रति किलो है। ये आँकड़े हमारे अपने कैटलॉग से निकले हैं, यानी हर पीस की लिखी कीमत को उसके लिखे वज़न से भाग देकर।

आज का पीतल का भाव यहाँ क्यों नहीं है

कच्ची धातु का भाव तांबे और जस्ते के बाज़ार के साथ हर दिन ऊपर नीचे होता है। जो पन्ना एक पक्का आँकड़ा छाप दे, वह अगले ही दिन पुराना हो जाता है। आज का स्क्रैप भाव चाहिए तो अपने शहर की धातु मंडी या बर्तन बाज़ार में पूछना ही सही तरीका है।

हम मुरादाबाद का तैयार सामान बेचते हैं, कच्ची धातु नहीं। इसलिए हम वही बता सकते हैं जो हमारे पास पक्का है: तैयार माल प्रति किलो कितने का पड़ता है।

तैयार सामान का भाव, धातु के हिसाब से

नीचे की तालिका में तीन आँकड़े हैं। निचला भाव वह है जिससे सस्ते एक चौथाई पीस हैं। बीच का भाव मध्य बिंदु है: आधे पीस इससे सस्ते, आधे महँगे। ऊपरी भाव वह है जिससे महँगे एक चौथाई पीस हैं।

धातु गिने गए पीस निचला भाव (₹ प्रति किलो) बीच का भाव (₹ प्रति किलो) ऊपरी भाव (₹ प्रति किलो)
शुद्ध पीतल 3,091 2,620 3,000 3,560
तांबा 102 3,770 4,410 5,120
कांसा 24 3,370 5,230 5,820
एल्युमिनियम 542 1,890 2,320 2,820
स्टेनलेस स्टील 86 1,250 2,060 2,750
चांदी की पॉलिश वाला सामान 102 2,170 3,550 4,600
लोहा 26 2,160 2,480 3,430
ये हमारी अपनी लिस्टिंग की कीमत और वज़न से निकले आँकड़े हैं, बाज़ार का भाव नहीं। कांसे और लोहे में पीस कम हैं, इसलिए उनके आँकड़े मोटा अंदाज़ा भर हैं।

तैयार पीस स्क्रैप से महँगा क्यों पड़ता है

स्क्रैप का भाव सिर्फ धातु का दाम है। तैयार पीस में धातु के ऊपर काम जुड़ता है।

  • ढलाई। साँचा बनता है, धातु गलती है, पीस ढलता है। गलाने में कुछ धातु जलकर घट भी जाती है।
  • फिनिशिंग। ढला हुआ पीस खुरदुरा निकलता है। उसे घिसना, छीलना और जोड़ना पड़ता है।
  • नक्काशी और पॉलिश। बारीक काम हाथ से होता है। फिर बफिंग, और कई पीस पर लैकर की परत।
  • रिजेक्ट माल। जो पीस ढलाई में खराब निकलते हैं, वे दोबारा गलते हैं। उनकी मेहनत बाकी पीस के दाम में जुड़ती है।
  • छोटे पीस में ज़्यादा मेहनत। 50 ग्राम की मूर्ति में भी चेहरा बनता है और पॉलिश होती है। इसलिए छोटा पीस प्रति किलो महँगा पड़ता है, और सादा भारी बर्तन सस्ता।

वज़न देखकर दाम कैसे परखें

हर लिस्टिंग पर वज़न लिखा होता है। परखने का तरीका तीन कदम का है।

  1. लिस्टिंग का वज़न किलो में बदलें। 400 ग्राम यानी 0.4 किलो।
  2. उसे बीच के भाव से गुणा करें। पीतल के लिए 0.4 × 3,000 = ₹1,200।
  3. लिखी कीमत को इस आँकड़े से मिलाएँ।

उदाहरण: 400 ग्राम का पीतल का लोटा। बीच के भाव से वह ₹1,200 के आसपास बैठता है। निचले और ऊपरी भाव से दायरा ₹1,048 से ₹1,424 बनता है। कीमत इस दायरे में है तो वह हमारे सामान्य भाव पर है। सादा लोटा दायरे के नीचे की तरफ रहेगा, नक्काशी वाला ऊपर की तरफ। कीमत दायरे से बहुत ऊपर हो तो देखें कि पीस में हाथ का काम कितना है। बहुत नीचे हो तो वज़न दोबारा पढ़ें।

किस तरह का सामान किस तरफ पड़ता है

सादे और भारी बर्तन, जैसे पीतल की कढ़ाई या परात, प्रति किलो कम पड़ते हैं क्योंकि उनमें धातु ज़्यादा और बारीक काम कम है। छोटी मूर्तियाँ, नक्काशी वाले दीये और सेट ऊपर की तरफ जाते हैं। तांबे के लोटे पीतल से महँगे हैं, क्योंकि हमारे कैटलॉग में तांबे का बीच का भाव ₹4,410 प्रति किलो है।

खरीदते समय वज़न ही क्यों देखें

फोटो में पतली चादर का पीस और ढला हुआ पीस एक जैसे दिखते हैं। फर्क वज़न बताता है। एक ही नाप के दो पीस में जो भारी है, उसमें धातु ज़्यादा है और वह कम पिचकता है। इसलिए दो दुकानों की तुलना कीमत से नहीं, प्रति किलो कीमत से करें। खरीदने के बाद चमक बनाए रखने का तरीका पीतल के बर्तन कैसे साफ करें में है।

आज पीतल का रेट क्या है?
कच्चे और स्क्रैप पीतल का भाव रोज़ बदलता है और हम उसे नहीं छापते। आज का भाव अपने शहर की धातु मंडी से पूछें। हमारे तैयार पीतल के सामान का बीच का भाव ₹3,000 प्रति किलो है।
पीतल के बर्तन का रेट प्रति किलो कितना पड़ता है?
हमारे कैटलॉग के 3,091 पीतल के पीस में ज़्यादातर ₹2,620 से ₹3,560 प्रति किलो के बीच हैं। सादे भारी बर्तन इस दायरे के नीचे की तरफ रहते हैं।
तैयार पीस स्क्रैप के भाव पर क्यों नहीं मिलता?
स्क्रैप सिर्फ धातु है। तैयार पीस में ढलाई, फिनिशिंग, पॉलिश और रिजेक्ट माल का खर्च जुड़ता है। छोटे पीस में यह मेहनत प्रति किलो और ज़्यादा बैठती है।
तांबा और कांसा पीतल से महँगे क्यों हैं?
हमारी लिस्टिंग में तांबे का बीच का भाव ₹4,410 और कांसे का ₹5,230 प्रति किलो है। दोनों का कच्चा माल पीतल से महँगा होता है, और कांसे के बर्तन बनाने में मेहनत भी ज़्यादा लगती है।
क्या वेदिकक्राफ्ट पर हर सामान का वज़न लिखा है?
ज़्यादातर लिस्टिंग पर वज़न ग्राम या किलो में लिखा है। वज़न को किलो में बदलकर ₹3,000 से गुणा करें, और लिखी कीमत से मिला लें।

इस गाइड से जुड़े सामान

और गाइड

Moradabad and the craftमुरादाबाद: पीतल नगरी की कहानी, कारीगरी और जीआई टैगमुरादाबाद को पीतल नगरी क्यों कहते हैं: पीतल के काम की शुरुआत, ढलाई, नक्काशी और पॉलिश के कारीगर,…Puja items and festival listsदेव दीपावली 2026: कितने दीये जलाएँ, कहाँ रखें और दीपदान कैसे करेंकार्तिक पूर्णिमा, 24 नवंबर 2026 की देव दीपावली पर 11, 21 या 51 दीये क्यों, हर दीया कहाँ…Puja items and festival listsमकर संक्रांति पर क्या दान करें: पूरी सूची और विधिमकर संक्रांति, शुक्रवार 15 जनवरी 2027 पर क्या दान करें: तिल, गुड़, खिचड़ी, कंबल और पीतल-ताँबे के बर्तन।…Puja items and festival listsवसंत पंचमी सरस्वती पूजा सामग्री: पूरी सूची और विधिवसंत पंचमी, गुरुवार 11 फरवरी 2027 की सरस्वती पूजा की पूरी सामग्री सूची: मूर्ति, पीले फूल, कलश, थाली,…