पीतल का रेट क्या है? तैयार पीतल का भाव प्रति किलो
कच्चे पीतल का भाव रोज़ बदलता है। हमारे तैयार पीतल के सामान का भाव ₹2,620 से ₹3,560 प्रति किलो है, बीच का भाव ₹3,000। वज़न से दाम परखना सीखें।
कच्चे या स्क्रैप पीतल का भाव मंडी में रोज़ बदलता है, इसलिए यह पन्ना आज का रेट नहीं छापता। यहाँ वह आँकड़ा है जो खरीदार के काम आता है: वेदिकक्राफ्ट पर तैयार पीतल का सामान ज़्यादातर ₹2,620 से ₹3,560 प्रति किलो के बीच पड़ता है, और बीच का भाव ₹3,000 प्रति किलो है। ये आँकड़े हमारे अपने कैटलॉग से निकले हैं, यानी हर पीस की लिखी कीमत को उसके लिखे वज़न से भाग देकर।
आज का पीतल का भाव यहाँ क्यों नहीं है
कच्ची धातु का भाव तांबे और जस्ते के बाज़ार के साथ हर दिन ऊपर नीचे होता है। जो पन्ना एक पक्का आँकड़ा छाप दे, वह अगले ही दिन पुराना हो जाता है। आज का स्क्रैप भाव चाहिए तो अपने शहर की धातु मंडी या बर्तन बाज़ार में पूछना ही सही तरीका है।
हम मुरादाबाद का तैयार सामान बेचते हैं, कच्ची धातु नहीं। इसलिए हम वही बता सकते हैं जो हमारे पास पक्का है: तैयार माल प्रति किलो कितने का पड़ता है।
तैयार सामान का भाव, धातु के हिसाब से
नीचे की तालिका में तीन आँकड़े हैं। निचला भाव वह है जिससे सस्ते एक चौथाई पीस हैं। बीच का भाव मध्य बिंदु है: आधे पीस इससे सस्ते, आधे महँगे। ऊपरी भाव वह है जिससे महँगे एक चौथाई पीस हैं।
| धातु | गिने गए पीस | निचला भाव (₹ प्रति किलो) | बीच का भाव (₹ प्रति किलो) | ऊपरी भाव (₹ प्रति किलो) |
|---|---|---|---|---|
| शुद्ध पीतल | 3,091 | 2,620 | 3,000 | 3,560 |
| तांबा | 102 | 3,770 | 4,410 | 5,120 |
| कांसा | 24 | 3,370 | 5,230 | 5,820 |
| एल्युमिनियम | 542 | 1,890 | 2,320 | 2,820 |
| स्टेनलेस स्टील | 86 | 1,250 | 2,060 | 2,750 |
| चांदी की पॉलिश वाला सामान | 102 | 2,170 | 3,550 | 4,600 |
| लोहा | 26 | 2,160 | 2,480 | 3,430 |
तैयार पीस स्क्रैप से महँगा क्यों पड़ता है
स्क्रैप का भाव सिर्फ धातु का दाम है। तैयार पीस में धातु के ऊपर काम जुड़ता है।
- ढलाई। साँचा बनता है, धातु गलती है, पीस ढलता है। गलाने में कुछ धातु जलकर घट भी जाती है।
- फिनिशिंग। ढला हुआ पीस खुरदुरा निकलता है। उसे घिसना, छीलना और जोड़ना पड़ता है।
- नक्काशी और पॉलिश। बारीक काम हाथ से होता है। फिर बफिंग, और कई पीस पर लैकर की परत।
- रिजेक्ट माल। जो पीस ढलाई में खराब निकलते हैं, वे दोबारा गलते हैं। उनकी मेहनत बाकी पीस के दाम में जुड़ती है।
- छोटे पीस में ज़्यादा मेहनत। 50 ग्राम की मूर्ति में भी चेहरा बनता है और पॉलिश होती है। इसलिए छोटा पीस प्रति किलो महँगा पड़ता है, और सादा भारी बर्तन सस्ता।
वज़न देखकर दाम कैसे परखें
हर लिस्टिंग पर वज़न लिखा होता है। परखने का तरीका तीन कदम का है।
- लिस्टिंग का वज़न किलो में बदलें। 400 ग्राम यानी 0.4 किलो।
- उसे बीच के भाव से गुणा करें। पीतल के लिए 0.4 × 3,000 = ₹1,200।
- लिखी कीमत को इस आँकड़े से मिलाएँ।
उदाहरण: 400 ग्राम का पीतल का लोटा। बीच के भाव से वह ₹1,200 के आसपास बैठता है। निचले और ऊपरी भाव से दायरा ₹1,048 से ₹1,424 बनता है। कीमत इस दायरे में है तो वह हमारे सामान्य भाव पर है। सादा लोटा दायरे के नीचे की तरफ रहेगा, नक्काशी वाला ऊपर की तरफ। कीमत दायरे से बहुत ऊपर हो तो देखें कि पीस में हाथ का काम कितना है। बहुत नीचे हो तो वज़न दोबारा पढ़ें।
किस तरह का सामान किस तरफ पड़ता है
सादे और भारी बर्तन, जैसे पीतल की कढ़ाई या परात, प्रति किलो कम पड़ते हैं क्योंकि उनमें धातु ज़्यादा और बारीक काम कम है। छोटी मूर्तियाँ, नक्काशी वाले दीये और सेट ऊपर की तरफ जाते हैं। तांबे के लोटे पीतल से महँगे हैं, क्योंकि हमारे कैटलॉग में तांबे का बीच का भाव ₹4,410 प्रति किलो है।
खरीदते समय वज़न ही क्यों देखें
फोटो में पतली चादर का पीस और ढला हुआ पीस एक जैसे दिखते हैं। फर्क वज़न बताता है। एक ही नाप के दो पीस में जो भारी है, उसमें धातु ज़्यादा है और वह कम पिचकता है। इसलिए दो दुकानों की तुलना कीमत से नहीं, प्रति किलो कीमत से करें। खरीदने के बाद चमक बनाए रखने का तरीका पीतल के बर्तन कैसे साफ करें में है।






